Saturday, 2 November 2013

कुछ हिन्दी दर्द भरी शायरियां


दर्द भरी शायरी

लोग पूछते है क्यू सुर्ख है तुम्हारी आँखे,
हंस के कह देती हूँ रात को सो ना सकी
लाख चाहूं भी मगर यह कह ना सकी,
रात को रोने की हसरत थी मगर रो ना सकी..

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